विज्ञान के साथ संस्कार और प्रकृति का सम्मान ही बनाएगा हिमाचल का उज्ज्वल भविष्य : धीरज रमौल
आधुनिक तकनीक अपनाएं, लेकिन अपनी जड़ों से रिश्ता न टूटने दें।
हिमाचल का भविष्य केवल बड़ी परियोजनाओं और आधुनिक विकास में नहीं, बल्कि स्वच्छ जल, सुरक्षित जंगल, उपजाऊ जमीन, मजबूत किसान, सशक्त महिलाएं, शिक्षित युवा और समृद्ध हिमाचली संस्कृति में भी है।
प्रयास सोसाइटी के सचिव धीरज रमौल ने कहा कि विज्ञान और तकनीक को प्रकृति के संरक्षण, प्राकृतिक खेती, स्थानीय एवं पारंपरिक बीजों के संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए उपयोग किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमें ऐसा हिमाचल बनाना है, जहां विज्ञान की ऊंचाई के साथ संस्कारों की गहराई और विकास की गति के साथ प्रकृति का संतुलन बना रहे।
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