Vrydag 24 Julie 2026
प्रकृति के साथ खिलवाड़ मानवता के भविष्य के लिए गंभीर खतरा: धीरज रमौलसिरमौर। प्रयास सोसाइटी के सचिव धीरज रमौल ने कहा है कि अंधाधुंध विकास, व्यक्तिगत स्वार्थ और प्राकृतिक संसाधनों के अनियंत्रित दोहन के कारण पर्यावरण का संतुलन लगातार बिगड़ रहा है। इसका परिणाम आज ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन, भीषण गर्मी, अनियमित वर्षा, बाढ़, सूखा, भूस्खलन तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं के रूप में सामने आ रहा है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को इसके गंभीर दुष्परिणाम भुगतने पड़ेंगे।धीरज रमौल ने कहा कि विकास आवश्यक है, लेकिन वह प्रकृति के संरक्षण के साथ संतुलित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़कों, भवनों और औद्योगिक परियोजनाओं के नाम पर बड़े पैमाने पर वनों की कटाई की जा रही है, जिससे वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास समाप्त हो रहा है और वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा लगातार बढ़ रही है। वहीं, उद्योगों और वाहनों से निकलने वाला प्रदूषण हवा, पानी और मिट्टी को प्रदूषित कर मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है।उन्होंने कहा कि भूजल का अत्यधिक दोहन, प्राकृतिक जलस्रोतों की उपेक्षा, अवैज्ञानिक खनन तथा संसाधनों का अंधाधुंध उपयोग भविष्य में जल संकट और पर्यावरणीय असंतुलन को और अधिक गंभीर बना सकता है। जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती गर्मी, जंगलों में आग, ग्लेशियरों का तेजी से पिघलना और मौसम के बदलते स्वरूप स्पष्ट संकेत हैं कि प्रकृति लगातार चेतावनी दे रही है।प्रयास सोसाइटी के सचिव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व भी है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, जल एवं ऊर्जा संरक्षण अपनाने तथा पर्यावरण संरक्षण अभियानों से जुड़ने की अपील की।धीरज रमौल ने सरकार से भी मांग की कि अवैध वनों की कटाई, अनियंत्रित खनन और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन पर सख्ती से रोक लगाई जाए। प्रत्येक विकास परियोजना में पर्यावरणीय मानकों का कठोरता से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा प्राकृतिक जलस्रोतों और जैव विविधता के संरक्षण के लिए प्रभावी एवं दीर्घकालिक नीतियां लागू की जाएं।उन्होंने कहा कि यदि आज प्रकृति की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास नहीं किए गए तो आने वाले समय में पर्यावरणीय संकट और भी विकराल रूप ले सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि "प्रकृति बचेगी तभी मानवता का भविष्य सुरक्षित रहेगा।"
Teken in op:
Plaas opmerkings (Atom)
विज्ञान के साथ संस्कार और प्रकृति का सम्मान ही बनाएगा हिमाचल का उज्ज्वल भविष्य : धीरज रमौल
विज्ञान के साथ संस्कार और प्रकृति का सम्मान ही बनाएगा हिमाचल का उज्ज्वल भविष्य : धीरज रमौल आधुनिक तकनीक अपनाएं, लेकिन अपनी जड़ों से रिश्ता न...
-
Vision To achieved the goals of voluntary aspects through integrated development of rural community. Mission To achieve the vis...
Geen opmerkings nie:
Plaas 'n opmerking